नए साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई से लड़ने के लिए एक बड़ा हथियार दिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 6% की बढ़ोतरी हो गई है। सच कहूं तो, बढ़ते राशन के दाम और मेडिकल बिलों से जूझ रहे इन परिवारों के लिए यह फैसला किसी बरसात के बादल से कम नहीं है। मेरे पड़ोस में रहने वाले एक सेवानिवृत्त अंकल ने तो यह खबर सुनते ही सीधे बेटे को फोन लगाकर कहा अब तो पूरे महीने का ग्रोसरी बिल आराम से निकल आएगा।
सैलरी पर क्या पड़ेगा असर
इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा और स्पष्ट असर हर महीने की सैलरी या पेंशन पर दिखेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है तो उन्हें हर महीने की सैलरी में अतिरिक्त 1,080 रुपए से ज्यादा मिलने लगेंगे। वहीं, अगर बेसिक सैलरी 30,000 रुपए के आसपास है, तो यह फायदा प्रति माह 1,800 रुपए से भी अधिक हो जाएगा। मेरे हिसाब से, यह रकम शायद बड़ी न लगे, लेकिन सालभर में जोड़ें तो यह 13,000 रुपए से 22,000 रुपए तक का अतिरिक्त फायदा हो सकता है, जो एक सामान्य परिवार के महीने भर के किराने का खर्च उठा सकता है सबसे अच्छी बात यह है कि यह राहत सिर्फ नौकरीपेशा लोगों तक ही सीमित नहीं है। हमारे बुजुर्ग पेंशनभोगी जिनकी एकमात्र आय पेंशन ही होती है और जो दवाइयों के बढ़ते दामों से सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं उन्हें भी इसका पूरा लाभ मिलेगा। उनकी पेंशन में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी जो उनके लिए सम्मान और सुरक्षा दोनों का एहसास दिलाएगी।
कब और कैसे मिलेगा फायदा
यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होगी। आमतौर पर हर छह महीने में महंगाई के आधार पर DA में संशोधन किया जाता है और यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद कर्मचारियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई राशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी। साथ ही पिछले कुछ महीनों का अरियर्स (बकाया) भी एक साथ मिलने की उम्मीद है, जो कई परिवारों के लिए एकमुश्त राहत का काम करेगा।
महंगाई की मार को कम करने की सार्थक कोशिश
कुल मिलाकर यह फैसला सिर्फ एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है। यह सरकार की उस सोच को दिखाता है जो अपने कर्मचारियों और बुजुर्गों की मुश्किलों को समझती है। महंगाई की मार को कम करने की यह कोशिश निश्चित तौर पर लाखों परिवारों के चेहरे पर थोड़ी राहत की मुस्कान लाएगी और उनकी क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करेगी। आज के समय में यह कदम वाकई सराहनीय है।