अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो पिछले कुछ दिनों से सोने की गिरावट देखकर परेशान थे तो अब आपकी चिंता थोड़ी कम हो सकती है। फरवरी की शुरुआत में ही सोने ने ऐसी जोरदार वापसी दिखाई है कि बाजार का मिजाज एकदम बदल सा गया है आज तक सोना अपनी हाल की भारी गिरावट से उबरता हुआ नजर आ रहा है। मेरे ख्याल से यह उछाल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि निवेशकों के भरोसे की वापसी का संकेत है, जो किसी भी बाजार के लिए सबसे जरूरी चीज होती है।
भारत में आज क्या है सोने का भाव
आज 24 कैरेट शुद्ध सोना करीब 15,393 रुपए प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि शहरों के हिसाब से कीमतों में थोड़ा बहुत फर्क जरूर है। जैसे जयपुर में यह 15,190 रुपए प्रति ग्राम के आसपास है। यह फर्क स्थानीय टैक्स और मांग की वजह से है। सीधी बात यह है कि बीते हफ्ते जिस सोने को लोग घाटे में बेचने पर मजबूर थे आज वही उनकी नजरों में फिर से चमकने लगा है। यही तो सोने का करिश्मा है।
दुनिया भर में क्यों मची है सोने में हलचल
यह तेजी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5% से ज्यादा उछलकर लगभग 4,921 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि जब भी दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने की शरण में आते हैं। पिछले दिनों की भारी बिकवाली के बाद अब लग रहा है कि समझदार निवेशक फिर से सोना जमा करने लगे हैं। मुझे लगता है कि यह एक स्वाभाविक बाजारी प्रतिक्रिया है।
क्या हैं इस अचानक उछाल के पीछे की वजहें
इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। पहला तो है अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बाजार की बदलती उम्मीदें। दूसरा, CME ग्रुप द्वारा मार्जिन जरूरतों में बढ़ोतरी ने शुरू में गिरावट तो पैदा की, लेकिन जैसे ही हालात साफ हुए खरीददार फिर सक्रिय हो गए। एक और मजबूत वजह यह है कि अमेरिकी गैर-कृषि वेतन और रोजगार के आंकड़ों को लेकर बाजार सतर्क है। इन आंकड़ों का असर हमेशा सोने पर सीधा पड़ता है।
आगे क्या रखा है बाजार में
ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ एक अस्थायी ठहराव थी न कि तेजी के ट्रेंड का अंत। आने वाले दिनों में बाजार और भी उतार-चढ़ाव देख सकता है। मेरी नजर में छोटे निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है धैर्य से काम लेने का न कि भावनाओं में बहकर फैसला लेने का। शादियों का सीजन दूर नहीं है और पारंपरिक खरीदार भी अब सक्रिय हो सकते हैं।
अंत में यही कहूंगा
कुल मिलाकर सोने की यह चमकदार वापसी यही बताती है कि यह पीली धातु आज भी लोगों के भरोसे और भावनाओं से जुड़ी हुई है। चाहे आप इसे निवेश मानें या परंपरा इसकी चमक कम नहीं हुई है। बस जरूरत है सही समय और सही समझ के साथ कदम बढ़ाने की। अगर आप भी खरीदारी के बारे में सोच रहे हैं तो बाजार के संकेतों पर नजर रखिए और जल्दबाजी से बचिए। क्योंकि सोना सिर्फ खरीदा ही नहीं जाता उस पर भरोसा भी किया जाता है।