अगर आप खेती-किसानी, डेयरी, मछली पालन या पशुपालन से जुड़े हैं तो यह खबर आपके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान ला सकती है। सरकार की मशहूर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में 2026 की शुरुआत में ऐसा बड़ा बदलाव आया है, जो सीधे तौर पर आपकी जेब पर अच्छा असर डालेगा। कहने का मतलब यह है कि अब आपको ज्यादा रकम बिना किसी गारंटी के मिल सकेगी, और ब्याज का बोझ भी काफी हल्का होगा। मैं समझ सकता हूँ कि बढ़ती खाद-बीज की कीमतों और फसल के अनिश्चित दामों के बीच यह अपडेट किसान भाइयों के लिए कितनी बड़ी राहत लेकर आया है।
अब बिना गारंटी भी मिलेंगे ₹2 लाख तक के कर्ज
सरकार का इरादा तो साफ है ही किसान को वक्त पर आसान और सस्ता कर्ज मिले, ताकि उसे महंगे साहूकारों के चंगुल में न फंसना पड़े। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अब KCC के तहत बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले जहां 1.60 लाख तक का कर्ज बिना ज़मानत मिलता था वहीं अब यह रकम बढ़कर 2 लाख रुपए हो गई है। यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए तो खासतौर पर वरदान जैसा है क्योंकि अक्सर गारंटी न होने की वजह से ही उनका काम रुक जाता था। मेरे गाँव के कई किसान इसी झंझट में फंसे रहते थे।
ब्याज में जबरदस्त बचत
सबसे बड़ी बात तो ब्याज दर की है। आपको 2% की ब्याज सब्सिडी तो मिलती ही है, अगर आप समय पर कर्ज चुका भी दें, तो 3% की अतिरिक्त छूट और मिल जाती है। मतलब कुल मिलाकर 5% तक की बचत आज के जमाने में यह किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है। यह सुविधा फसल लोन के लिए ₹3 लाख तक और पशुपालन जैसे कामों के लिए ₹2 लाख तक लागू होती है। सच कहूँ तो, प्राइवेट बैंकों के मुकाबले यह किसानों के लिए एक मजबूत सहारा है।
बैंक के चक्कर खत्म
अब बात करते हैं डिजिटल सुविधा की। कागजी दौड़-भाग कम करने के लिए अब KCC का रिन्यूअल कुछ बैंक एसएमएस के जरिए भी करने लगे हैं। यह छोटी-सी बात किसान की बहुत बड़ी मदद करती है, क्योंकि उसका कीमती वक्त खेत पर ज्यादा काम आता है, बैंक की लाइन में लगने में नहीं। कार्ड की वैलिडिटी 5 साल की होती है और हर साल रिव्यू के दौरान लोन लिमिट में 10% तक बढ़ोतरी का भी प्रावधान है।
सिर्फ योजना नहीं एक मानवीय स्पर्श
मेरी नजर में यह अपडेट सिर्फ एक योजना का अपग्रेड नहीं है, बल्कि किसान की मेहनत और उसके संघर्ष को समझने वाला एक मानवीय कदम है। जब खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में बिना गारंटी के ज्यादा लोन और ब्याज में छूट जैसे फैसले किसान को आत्मनिर्भर बनाने की राह आसान करते हैं। लगता है अब किसान की मुस्कान पर थोड़ी और चमक आएगी।